पुराना कैलेंडर, जैसे यादों का बवंडर ये सिर्फ पुराने जगह, नया कैलेंडर बदलना भर नहीं दरअसल, ये जिंदगी के मायने बदलने जैसा कुछ है पुराना कैलेंडर, जैसे यादों का बवंडर हो इसके साथ ही बदल जाते हैं वो दिन, वो तारीखें, वो पल भी जब हम ख़ुशी से मिले और आंसुओं के साथ जुदा हुए कैलेंडर बदलना जिंदगी को पुनर्निर्मित करना है नए विचारों का आगाज़ करती है नयी तारीख़ अंधेरों से उजाले की तरफ बढ़ने का साहस देती है नयी तारीख़ - सुमित