कठिन है मेरे लिए
जिंदगी की डायरी और उसके कोरे पन्ने उनमे बिखरी धुंध जो छंटने का नाम ही नहीं ले रही बहुत हो गया अब उसे धो-पोंछकर साफ कर देना चाहता हूं ताकि लिख सकूं नई इबारतें इबारतें आंसू बहाते प्रेम की नहीं उस प्रेम की जिसकी ध्वनि-तरंगों में समाहित हो जाए ये धरती और सारा आसमान पहाड़-नदियां-झरने और वो सब कुछ जिसे पाना सामान्य मनुष्य के बतौर कठिन है मेरे लिए.