आसमां का रंग गुलाबी ही होता है
मीत की बात आपके लिए लाया है, प्रियंका चोपड़ा और फ़रहान अख़्तर अभिनीत #TheSkyisPink पर लिखी गई मशहूर पत्रकार और लेखक रवीश कुमार की समीक्षात्मक रिपोर्ट... जब तक आप हंसते हैं, रुला देती है। जब तक आप रोते हैं, हंसा देती है। जो दृश्य ख़ुशी का है वही ग़म का भी है। जिस पल सब कुछ ख़त्म होने वाला होता है, उसी वक्त कुछ नया शुरू हो रहा होता दिखाई देता है। हंसना और रोना दोनों चीनी और नमक की तरह घुले-मिले हुए हैं। बहुत दिनों बाद आपके शहर में ऐसी ही एक फ़िल्म आई है। #TheSkyisPink गुलाबी ही तो होता है आसमान। बल्कि सिर्फ गुलाबी नहीं होता। वैसे ही जैसे सिर्फ नीला नहीं होता। पीला भी होता है। सफेद भी और गहरा लाल भी। सुनहरा भी। आसमान को सिर्फ नीले रंग से नहीं समझा जा सकता है। जब तक आप इस धारणा से बाहर नहीं निकलते हैं, इस फिल्म को देखते हुए भी आप नहीं देख पाते हैं। थियेटर में होते हुए भी आप बाहर होते हैं। जहां अरबों बच्चों की तरह आपको भी आसमान को सिर्फ एक ही रंग से देखना सीखाया गया है। जैसा रंग आज अपने आस-पास देखते हैं। कोई फ़िल्म सियासत पर बात न करते हुए, सियासत को समझने का ऐसे ही ताकत दे...